बालिकाओं से छेड़छाड़ के मामले सामने आने के बाद प्रशासन एक्शन मोड

यह एक निर्विवाद और अटल सत्य है कि किसी भी देश या राज्य के लिए उसकी युवा शक्ति सबसे महत्वपूर्ण होती है।
 
   लेकिन  आज राजस्थान के शिक्षा मंत्री ने यह कहा है कि बालिका विद्यालयों में छेड़छाड़ की घटनाओं के कारण 50 वर्ष से कम उम्र के पुरुष शिक्षकों को वहां से हटाया जाएगा। 


मैं बहुत अधिक बुद्धिमान और इस तरह के विशेष विवेक धारी राजस्थान के शिक्षा मंत्री डोटासरा जी से पूछना चाहूंगा कि क्या आपके परिवार में आपके पुत्र या अन्य युवा सदस्य भी किसी प्रकार के चारित्रिक दुशप्रभाव से ग्रस्त है क्या ?अगर नहीं तो फिर आपने हमारे राजस्थान के सभी युवा शिक्षकों को छेड़छाड़ की शर्मिंदगी भरी घटनाओं से जोड़ने का साहस कैसे किया है?


 डोटासरा जी आपको और कांग्रेस को मेरे राजस्थान का समर्पित सैद्धांतिक सामाजिकता को मानने वाला संस्कार वादी युवा ही उत्तर देगा और देखना अभी दो उपचुनावों में ही आपको जवाब मिल जाएगा। 


राजस्थान के सभी युवा साथियों से और सभी संस्कारवादी लोगों से मैं यह आवाहन करता हूं कि जनप्रतिनिधि होने के बावजूद इस तरह की समाज को बांटने वाली अभद्र बयान बाजी करने वाले असामाजिक लोगों को आईना दिखाएं और उन्हें उनके लिए उपयुक्त स्थान पर ही पहुंचाएं । 


युवा शक्ति जिंदाबाद, संस्कारिता जिंदाबाद, राजस्थान की गौरवमयी संस्कृति जिंदाबाद। 


जो दोषी और अपराधी है उन पर कार्रवाई करने की बजाय उनके साथ साथ संस्कार वादी युवाओं को भी अपराधी मनोवृति का ठहराने का प्रयास करने वाली इस कांग्रेस सरकार पर क्या कहेगें आप कमैन्ट अवश्य किजिये। 


जयपुर। प्रदेश की कई सरकारी स्कूलों ( Govt. Schools Of Rajasthan ) में बालिकाओं से छेड़छाड़ के मामले सामने आने के बाद प्रशासन एक्शन मोड ( Action Mode ) में है। स्कूल शिक्षा विभाग ने गर्ल्स स्कूल में पढ़ाने वाले उन पुरूष शिक्षकों का डाटा कलेक्ट कराया है, जिनकी उम्र 50 वर्ष से कम है। शिक्षा राज्य मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा का कहना है कि प्रदेशभर की गल्र्स स्कूल में करीब 3400 पुरूष शिक्षक पढ़ा रहे है, जिनकी उम्र 50 वर्ष से कम है। ऐसे में सरकार प्रयास करेगी कि भविष्य में इन स्कूलों में महिला शिक्षिकाओं की नियुक्ति ही की जाए।


 
गौरतलब है कि हालही में एक सरकारी स्कूल में ऐसे ही शिक्षक द्वारा छेड़छाड़ का मामला सामने आया था। इसके बाद मंत्री गोविंद डोटासरा ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस तरह के मामलों में जांच के बाद यदि शिक्षक दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ विभागीय स्तर पर भी सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।


सैकण्डरी सेटअप में है 1177 स्कूल
दरअसल, कई स्कूलों में शिक्षकों द्वारा ही छेड़छाड़ के मामले सामने आने के बाद अब स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से यह कदम उठाया गया है। प्रदेशभर में 65 हजार 215 सरकारी स्कूल है, जिनमें से करीब 1177 सैकण्डरी सेटअप की बालिका स्कूल है। ऐसे में प्रशासन ने अब इन बालिका स्कूल में पढ़ाने वाले पुरूष शिक्षकों का डाटा कलेक्ट किया है। माना जा रहा है कि जल्द ही विभाग की ओर से इन सभी बालिका स्कूलों में महिला शिक्षिकाओं को लगाया जाएगा या फिर उन पुरूष शिक्षकों को लगाया जाएगा, जिनकी उम्र 50 वर्ष से अधिक है।


इनका कहना है:
'प्रदेशभर की उन स्कूलों का डाटा मंगवाया है, जहां बालिका स्कूल में पुरूष शिक्षक पढ़ा रहे है और उनकी उम्र 50 वर्ष से अधिक है। ऐसे में इन सभी स्कूलों में सरकार का प्रयास है कि भविष्य में महिला शिक्षिकाओं को लगाया जाए। ताकि बच्चियों को भी सुविधा रहेगी।